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Politics

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी: 47.7 लाख नाम हटे, आप और कांग्रेस ने जताया विरोध

भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 1.45 करोड़ में से 47.7 लाख मतदाताओं के नाम बाहर कर दिए गए हैं, जिस पर सियासत गरमा गई है।

प्रतीकात्मक चित्र

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 31 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) जारी कर दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत तैयार की गई इस सूची में दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख electors (32.87 प्रतिशत) के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। मतदाता सूची से इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, शहर के कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से 30 जून से 17 अगस्त के बीच चले घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान 97.45 लाख मतदाताओं के ही प्रपत्र प्राप्त और डिजिटाइज हो सके। शेष 47.7 लाख मतदाताओं को ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक, डुप्लीकेट एवं अन्य’ (ASDDO) श्रेणी के तहत वर्गीकृत कर ड्राफ्ट रोल से बाहर रखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 83.43 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हुए, जबकि तुगलकाबाद क्षेत्र में यह आंकड़ा सबसे कम 52.15 प्रतिशत रहा।

लाखों मतदाताओं के नाम हटने पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली सचिवालय के समीप विरोध प्रदर्शन किया। आप नेतृत्व ने आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी ड्राफ्ट सूची पर चिंता जताते हुए प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए बूथ स्तर पर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके विपरीत, सत्तारूढ़ भाजपा ने निर्वाचन आयोग की कार्रवाई को नियमानुसार और मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए आवश्यक कदम बताया है।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, जिन नागरिकों के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं, वे 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 और आवश्यक पहचान दस्तावेजों के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। आयोग द्वारा प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच तथा निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी, जिसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन होगा।

स्रोत: www.thehindu.com · www.indianexpress.com