उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बहराइच जिले में नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के आमान परिवर्तन (ब्रॉडगेज) और विद्युतीकरण का औपचारिक शुभारंभ किया। लगभग ₹730 करोड़ की लागत से तैयार 56.15 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग के शुरू होने से सीमावर्ती आकांक्षी जिले बहराइच की सीधी रेल कनेक्टिविटी देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से जुड़ गई है। इस अवसर पर नेपालगंज रोड से वाराणसी सिटी के लिए विशेष ट्रेन सहित चार रेल सेवाओं का भी विस्तार किया गया।
नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस रेल खंड के ब्रॉडगेज में बदलने से क्षेत्र के व्यापार, कृषि, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि 1886 में निर्मित मीटरगेज लाइन को बड़ी लाइन में बदलने की मांग कई दशकों से लंबित थी। इस नई ब्रॉडगेज सेवा के शुरू होने से भारत और नेपाल के बीच सीमावर्ती आवाजाही सुगम होगी और दोनों देशों के सांस्कृतिक व व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में नई दिल्ली स्थित रेल भवन से वर्चुअली जुड़े केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से बहराइच, रिशिया, मटेरा, नानपारा और बाबागंज जैसे सीमावर्ती स्टेशन देश के मुख्य ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पूरे देश में मीटरगेज को ब्रॉडगेज में बदलने का अभियान अंतिम चरण में है और सीमावर्ती इलाकों का बुनियादी विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
समारोह की शुरुआत में हाल ही में नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पड़ोसी देश नेपाल में हुए नुकसान पर संवेदना व्यक्त की। रेल मंत्री के अनुसार, नेपाल से लौटे प्रभावित यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने सीमावर्ती स्टेशनों पर विशेष कोच और सहायता काउंटर स्थापित किए हैं, जो राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय के समन्वय से संचालित हो रहे हैं।
स्रोत: pib.gov.in · www.hindustantimes.com · www.newindianexpress.com · www.theprint.in



