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Politics

उत्तराखंड: मतदाता सूची पुनरीक्षण में 19.3 लाख नोटिस जारी; कमिश्नर व विधायक को भी समन

उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत 19.3 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। कुमाऊं कमिश्नर और भाजपा विधायक के आवास पर भी सत्यापन नोटिस पहुंचे हैं।

फोटो साभार: theprint.in

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 19.3 लाख से अधिक मतदाताओं को विसंगतियों के चलते नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मैपिंग संबंधी त्रुटियों को लेकर 5.5 लाख से अधिक अन्य नोटिस जारी किए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है, जिससे प्रदेश भर में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, 14 जुलाई को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में कुल 71.33 लाख मतदाता पंजीकृत थे। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान नामों की वर्तनी, आयु में अंतर और पारिवारिक विवरण में पाई गई गड़बड़ियों को सुधारने के लिए संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 77 प्रतिशत लक्षित मतदाताओं तक नोटिस पहुंचाए जा चुके हैं। प्राप्त शिकायतों और आपत्तियों के निस्तारण के लिए 1 अगस्त से 3 सितंबर तक सभी जिलों में सुनवाई आयोजित की जा रही है।

नैनीताल में चलाए गए सत्यापन अभियान के दौरान कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और नैनीताल से भाजपा विधायक सरिता आर्य के आवास पर भी बीएलओ द्वारा नोटिस दिए गए। नैनीताल के उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) नवाजिश खालिक ने बताया कि यह अभियान निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत निष्पक्ष और समान रूप से चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे कोई आम नागरिक हो या किसी संवैधानिक अथवा राजनीतिक पद पर आसीन व्यक्ति, यह प्रक्रिया सभी पर समान रूप से लागू होती है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के मामलों में बीएलओ स्वयं उनके घर जाकर सुनवाई सुनिश्चित करेंगे। वहीं, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस पुनरीक्षण प्रक्रिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ियों का आरोप लगाया है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को पूर्णतः पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से ही संचालित की जा रही है।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन विधानसभा क्षेत्रों में अधिक संख्या में नोटिस जारी हुए हैं, वहां विशेष सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी तैनात किए गए हैं, जिन्हें चार से पांच पोलिंग बूथों का प्रभार सौंपा गया है। संबंधित मतदाता अपने दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर विवरण संशोधित करा सकते हैं, जिस पर अंतिम निर्णय निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

स्रोत: theprint.in · www.webindia123.com