उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13 सितंबर 2026 को टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर प्रेक्षागृह में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में भाग लिया। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ थीम पर आयोजित इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया और वर्ष 2047 तक विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
सरकारी विज्ञप्ति और समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 2,800 से अधिक विद्यालयों के 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध और विचार राज्य सरकार को सौंपे थे। चौरास परिसर में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान चयनित छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन, स्थानीय रोजगार, कृषि सुधार, डिजिटल शिक्षा, पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे प्रमुख मुद्दों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
संवाद सत्र के दौरान रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन की जमीनी परिस्थितियों और महिलाओं के संघर्ष पर अपना निबंध पढ़कर सुनाया। वहीं, देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने पर्वतीय इलाकों में ही रोजगार के अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि शिक्षा और अनुभव के लिए युवाओं की आवाजाही सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन राज्य सरकार का उद्देश्य पहाड़ों में ही आजीविका के स्थाई साधन उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की युवा पीढ़ी को केवल रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनाने के लिए नीतियां तैयार की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रतिभावान छात्रों को निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशामुक्त रहकर राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्रों के एक अध्ययन दल को भारत भ्रमण यात्रा के लिए रवाना किया। राज्य प्रशासन के अनुसार, इस शैक्षणिक भ्रमण दल में शामिल विद्यार्थियों को देश के विभिन्न राज्यों में स्थित तकनीकी, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संस्थानों का दौरा कराया जाएगा।




