उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ स्थित जन भवन परिसर में ‘गंगासागर नमो नमः’ परियोजना का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। 6.41 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित इस परियोजना का उद्देश्य जन भवन परिसर को एक विशिष्ट सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पहचान प्रदान करना है। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
राजभवन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 110 मीटर लंबी इस परियोजना को दो मुख्य भागों—’गंगोत्री से गंगासागर’ और ‘गंगासागर फाउंटेन’—में तैयार किया गया है। इसमें कैलाश धाम के प्रतीक स्वरूप भगवान शिव की प्रतिमा, प्रतीकात्मक मानसरोवर और उत्तराखंड के चार धामों (गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) की संगमरमर की प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा प्रयागराज संगम, वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों और गंगासागर तक की यात्रा को भी प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है।
परियोजना के निर्माण में लगभग 1,000 टन पत्थरों का उपयोग किया गया है और इसकी अधिकतम ऊंचाई छह मीटर है। पर्यावरण संरक्षण के तहत परिसर में 17 प्रजातियों के 40 वृक्ष और लगभग 100 किस्मों की 6,000 झाड़ियां रोपी गई हैं। परिसर में निर्मित ‘शिव डमरू म्यूजिकल फाउंटेन’ में एलईडी लाइट, जलधाराओं और विशेष ध्वनि तकनीक का संयोजन किया गया है।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने गंगासागर स्थल पर गंगाजल अर्पित कर गंगा आरती में भाग लिया। इस अवसर पर आदर्श माध्यमिक विद्यालय और शासकीय बाल गृह की बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान 9 से 14 वर्ष की 100 बालिकाओं को एचपीवी (HPV) का टीका भी लगाया गया।
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