उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चैरिटेबल ब्लड सेंटर, कल्याण मंडपम और लगभग 40 करोड़ रुपये की 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के 1.10 करोड़ बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में शीघ्र बढ़ोतरी करने और अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का ऐलान किया।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण, ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग तथा गोरखपुर नगर निगम की विकास योजनाओं का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का उद्देश्य राज्य में सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में विभिन्न सामाजिक पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 12,000 रुपये वार्षिक पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इस पेंशन राशि में वृद्धि करेगी और नए पात्र लोगों को भी इस योजना में शामिल करेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी जिला अस्पतालों में 10-10 बेड की नि:शुल्क डायलिसिस इकाइयां स्थापित कर रही है। आईएमए परिसर में 400 यूनिट क्षमता वाले चैरिटेबल ब्लड बैंक के शुभारंभ के दौरान उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में चिकित्सा बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के अलावा गोरखपुर में एम्स की स्थापना से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों के भीतर एक लाख युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस और होमगार्ड विभागों में 77,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन 19 सितंबर से जारी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में स्थापित 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों से 50 हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. शुक्ला ने बताया कि यह चैरिटेबल ब्लड सेंटर 400 यूनिट क्षमता के साथ संचालित होगा और इसके माध्यम से नि:शुल्क ओपीडी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। आयोजन के अंत में गोरखपुर के मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष इंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया।




