उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भर के अधिवक्ताओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं और तकनीकी पहलों की घोषणा की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य में कार्यरत अधिवक्ताओं के सामाजिक और व्यावसायिक सशक्तीकरण के लिए नए फैसलों की जानकारी दी।
घोषणाओं के तहत राज्य सरकार हाईकोर्ट और जिला अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस योजना लागू करेगी। इसके अलावा ‘अधिवक्ता कल्याण निधि’ के तहत मिलने वाली सहायता राशि को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। वहीं दिवंगत अधिवक्ताओं के परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की आयु सीमा भी 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है।
न्यायिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 400 राज्य कानून अधिकारियों (स्टेट लॉ ऑफिसर्स) को टैबलेट प्रदान करने की योजना का ऐलान किया। इससे सरकारी वकील अदालतों में चल रहे मामलों से संबंधित जानकारी सीधे डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। प्रयागराज में 10,000 से अधिक वकीलों के लिए निर्माणाधीन मल्टी-लेवल पार्किंग और चैंबर कॉम्प्लेक्स के लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर उपलब्ध कराने में भी राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में पुलिस और न्यायिक बुनियादी ढांचे के समक्ष कई चुनौतियां थीं, लेकिन अब पुलिस बल की वार्षिक प्रशिक्षण क्षमता 3,000 से बढ़कर 60,000 हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य के 56 जिलों में आधुनिक पुलिस बैरक का निर्माण किया गया है और अदालतों को हाई-स्पीड इंटरनेट तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं से जोड़ा गया है।



