उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के छठे स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान में नवर्निमित ऑर्गन ट्रांसप्लांट (अंग प्रत्यारोपण) यूनिट, 40 बेड वाले आपातकालीन वार्ड और अत्याधुनिक एमआरआई सुविधा का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत चयनित 194 तकनीकी कर्मियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को बीमारियों के बदलते स्वरूप को देखते हुए 10 कदम आगे की रणनीति पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ अनुसंधान, तकनीक और गुणवत्तापूर्ण इलाज पर मुख्य ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मरीजों की लंबी वेटिंग लिस्ट को कम करना और समय पर अंग प्रत्यारोपण जैसी जटिल सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
प्रदेश के चिकित्सा ढांचे के विकास का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में राज्य में कुल 36 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या बढ़कर 85 हो गई है। वहीं एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि लोहिया संस्थान बीते छह वर्षों में 20 बेड के अस्पताल से 1,400 बेड के सुपर-स्पेशलिटी सेंटर में परिवर्तित हुआ है और जल्द ही यहां 1,000 बेड का नया अस्पताल तथा 300 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक तथा स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में अब प्रतिवर्ष 12,500 से अधिक नए डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे राज्य के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट और दो चिकित्सा पुस्तकों का आधिकारिक विमोचन किया।
स्रोत: theprint.in · www.hindustantimes.com



