राज्यसभा और लोकसभा में गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को विपक्ष के नारेबाज़ी और विरोध के बीच कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित रही। विपक्ष ने NEET‑UG पेपर लीक मामले पर चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग दोहराई, जबकि सरकार ने बिना किसी पूर्वशर्त के बहस कराने की पेशकश की। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और सदन की कार्यवाही से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार है।
आउटलुक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा में तीखी नारेबाज़ी और हंगामे के बाद पूरे दिन के लिए स्थगन की घोषणा की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर शर्तें थोपकर “गैर‑राजनीतिक” चर्चा को टाल रहा है।
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के हवाले से द प्रिंट की रिपोर्ट में बताया गया कि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12:45 बजे पहले चरण में 2 बजे तक स्थगित हुई। रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET मुद्दे पर दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा को तैयार है, लेकिन इसके लिए किसी भी प्रकार की पूर्वशर्त स्वीकार्य नहीं है।
न्यूज़ ऑन AIR (आकाशवाणी) के अनुसार, सुबह के सत्र में दोनों सदनों को पहले 2 बजे तक के लिए स्थगित किया गया था। इसके बाद दिनभर जारी विरोध प्रदर्शनों और नारेबाज़ी के बीच कार्यवाही आगे नहीं चल सकी और दिनभर के लिए स्थगन घोषित किया गया।
विपक्ष की ओर से लगातार मांग रही कि बहस से पहले शिक्षा मंत्री ज़िम्मेदारी लें और इस्तीफ़ा दें, जबकि सरकार का कहना है कि चर्चा के दौरान ही सभी मुद्दों का उत्तर दिया जाएगा। इन परस्पर स्थितियों के कारण गुरुवार को विधायी कार्य बाधित रहा।
दिन के अंत तक स्थिति यही रही कि दोनों सदन, लोकसभा और राज्यसभा, 23 जुलाई को किसी substantive कार्यवाही के बिना स्थगित रहे, जबकि सरकार की ओर से किरेन रिजिजू ने दोहराया कि NEET‑UG पर बिना शर्त बहस के लिए सरकार तैयार है।
स्रोत: www.outlookindia.com · theprint.in · newsonair.gov.in




