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Politics

जनगणना से पहले NRC लागू करे केंद्र: मणिपुर विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया प्रस्ताव

मणिपुर विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मांग की है कि राज्य में जनगणना शुरू करने से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को अद्यतन किया जाए।

प्रतीकात्मक चित्र

मणिपुर विधानसभा ने राज्य में राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया शुरू करने से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को अद्यतन करने का आग्रह करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है। 2 सितंबर 2026 को 12वीं मणिपुर विधानसभा के आठवें सत्र के उद्घाटन दिवस पर मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने यह प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा राज्य में जनगणना कार्य को अस्थायी रूप से स्थगित करने के ठीक बाद उठाया गया है।

सदन को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष टी. सत्यब्रत सिंह ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव 5 अगस्त 2022 और 1 मार्च 2024 को पारित पूर्व प्रस्तावों का पुनरनुमोदन है। प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य और देश के व्यापक हित में किसी भी जनसंख्या गणना से पहले एनआरसी को अद्यतन करना अनिवार्य है। इससे पूर्व, नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद केंद्र सरकार ने राज्य में मकानों की सूचीकरण (House-listing) प्रक्रिया को टालने का निर्णय लिया था।

सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तारूढ़ दल और विपक्षी कांग्रेस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए एनआरसी रोडमैप पर अलग से विस्तृत चर्चा कराने के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था। वहीं राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने सदन में वक्तव्य देते हुए कहा कि सरकार मणिपुर की प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर, कुकी-जो नागरिक निकायों ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि एनआरसी एक राष्ट्रीय प्रक्रिया है जिसे एकतरफा तरीके से लागू नहीं किया जा सकता।

पूर्वोत्तर राज्य में मैतेई और नागा समुदायों की ओर से लंबे समय से पड़ोसी देश म्यांमार से हो रही घुसपैठ को रोकने के लिए वर्ष 1951 को आधार वर्ष मानकर एनआरसी लागू करने की मांग की जा रही है। विधानसभा सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने एनआरसी प्रस्ताव के अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 31 मांगों के अंतर्गत 3,861 करोड़ रुपये के अनुपूरक अनुदान की पहली किश्त भी सदन के समक्ष प्रस्तुत की।

स्रोत: theprint.in · www.indiatodayne.in