उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की नई नीति के तहत 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों और मदरसों को आधिकारिक मान्यता प्रमाण पत्र सौंपे। इन संस्थानों ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आधुनिक पाठ्यक्रम को अपनी शिक्षण व्यवस्था में शामिल किया है। इसके साथ ही नए नियमों के तहत राज्य में मान्यता प्राप्त मदरसों की कुल संख्या बढ़कर 33 हो गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार हर बच्चे को सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और करियर-उन्मुख शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए जो उनके व्यक्तित्व का विकास करे और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के योग्य बनाए। एएनआई के अनुसार, सीएम धामी ने कहा कि यह कदम राज्य में एक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक ढांचा स्थापित करने की दिशा में एक नई शुरुआत है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार ने 1 जुलाई 2026 को पूर्ववर्ती मदरसा शिक्षा बोर्ड को भंग कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया था। इस नई व्यवस्था के तहत राज्य में संचालित सभी मदरसों और अल्पसंख्यक संस्थानों के लिए नए प्राधिकरण से पंजीकरण और मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया था। सियासत की रिपोर्ट के अनुसार, नए नियमों का पालन न करने और मान्यता प्रक्रिया से दूर रहने वाले 5 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को प्रशासन द्वारा बंद भी कराया गया है।
समारोह के दौरान मान्यता पत्र प्राप्त करने वाले मदरसा संचालकों ने राज्य सरकार की इस नीति का स्वागत किया। उनका कहना है कि पाठ्यक्रम में आधुनिक विषयों का समावेश होने से बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा और वे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ सकेंगे। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करती है, जबकि नियम का पालन करने वाली संस्थाओं को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस चरण में देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों के अल्पसंख्यक संस्थानों को मान्यता पत्र जारी किए गए हैं। राज्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र में शेष बचे संस्थानों के आवेदनों की जांच प्रक्रिया जारी है और पात्रता पूरी करने वाले संस्थानों को आगामी बैठकों में मान्यता प्रदान की जाएगी।
स्रोत: www.aninews.in · www.indiatvnews.com · www.siasat.com




