Skip to content
Politics

जनगणना 2026: उत्तराखंड के बर्फबारी क्षेत्रों में 1 सितंबर से शुरू होगी जनसंख्या गणना

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड, हिमाचल और लद्दाख के बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए जनगणना के दूसरे चरण की अधिसूचना जारी की है। 1 सितंबर से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना होगी।

फोटो साभार: theprint.in

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी प्रभावित दूरस्थ क्षेत्रों और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए जनगणना 2026 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना (Population Enumeration) की समयसारणी अधिसूचित कर दी है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, इन क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, बर्फबारी वाले और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले गैर-समकालिक क्षेत्रों में जनसंख्या गणना के लिए संदर्भ तिथि (Reference Date) 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि 00:00 बजे तय की गई है। मुख्य फील्ड गणना पूर्ण होने के बाद 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 के दौरान संशोधन दौर (Revisional Round) आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, प्रगणकों के घर-घर पहुंचने से पहले नागरिकों को 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प दिया जाएगा।

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी और शीतकाल में बर्फबारी से प्रभावित होने वाले इलाकों में मौसम खराब होने व रास्ते बंद होने की आशंका को देखते हुए यह विशेष समयसारणी लागू की गई है। देश के शेष मैदानी भागों और राज्यों में दूसरे चरण की जनसंख्या गणना अगले वर्ष आयोजित की जाएगी। वर्तमान समय में देशभर में जनगणना का पहला चरण—मकानों की सूची तैयार करना और मकान गणना (House Listing and Housing Census)—चल रहा है, जिसकी समयसीमा 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित है।

इस जनगणना प्रक्रिया की एक प्रमुख विशेषता यह है कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार जनसंख्या गणना के चरण के दौरान जातिगत आंकड़े (Caste Details) भी एकत्रित किए जाएंगे। यह प्रावधान केंद्रीय मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति (CCPA) द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत शामिल किया गया है।

गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 3 के तहत जारी इस गजट अधिसूचना के तहत संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिला प्रशासनों को तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, स्व-गणना के निर्धारित 15 दिनों के दौरान नागरिक आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दर्ज करा सकेंगे।

स्रोत: theprint.in · www.tribuneindia.com