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Politics

उत्तराखंड लौटे हरीश रावत का भव्य रोडशो, भाजपा ने बताया ‘राजनीतिक ड्रामा’

पूर्व सीएम हरीश रावत के दिल्ली से उत्तराखंड लौटने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भव्य रोडशो निकाला, जिस पर भाजपा ने तीखा हमला बोलते हुए इसे राजनीतिक ड्रामा बताया।

फोटो साभार: newindianexpress.com

पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने लंबे समय बाद दिल्ली से उत्तराखंड लौटकर रविवार, 20 सितंबर को अपनी पार्टी का बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। रामपुर तिराहा स्थित राज्य आंदोलनकारियों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उनका काफिला नारसन बॉर्डर, मंगलौर, रुड़की और हरिद्वार होते हुए देहरादून पहुंचा। इस दौरान कई स्थानों पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका स्वागत किया।

यह शक्ति प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही दिन पहले उनके पूर्व निजी सचिव के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी हुई थी। छापेमारी के बाद रावत ने कांग्रेस के सांगठनिक पदों से त्यागपत्र देने की इच्छा जताई थी, ताकि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर आंच न आए। प्रदेश लौटने के बाद उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और कार्यकर्ताओं का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस रोडशो को लेकर कांग्रेस और हरीश रावत पर तीखा हमला बोला है। भाजपा विधायक विनोद चमोली ने इस शक्ति प्रदर्शन को ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार देते हुए आरोप लगाया कि रावत अपनी ही पार्टी के आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए यह सब कर रहे हैं। चमोली ने दावा किया कि कांग्रेस का जनता के सामने पूरी तरह पर्दाफाश हो चुका है और उसके नेता केवल अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हरीश रावत से और उत्तराखंड की जनता कांग्रेस से छुटकारा पाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शनों से 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वहीं, भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि रावत का यह शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस आलाकमान के लिए था या राज्य के उन नेताओं के लिए जो उनकी प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहे हैं।

अपने उत्तराखंड दौरे के अगले चरण में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार, 21 सितंबर को देहरादून के चार सिद्ध मंदिरों—कालू सिद्ध, लक्ष्मण सिद्ध, मानक सिद्ध और मांडू सिद्ध में दर्शन और पूजा-अर्चना का कार्यक्रम तय किया है।

स्रोत: www.newindianexpress.com · www.pioneeredge.in