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Politics

अंकिता भंडारी मामला: कांग्रेस के न्याय मार्च पर सीएम धामी बोले- सीबीआई जांच से आएगा सच

अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि पर ऋषिकेश में कांग्रेस के न्याय मार्च के दौरान पुलिस से झड़प हुई। वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीबीआई जांच से पूरा सच सामने आ जाएगा।

प्रतीकात्मक चित्र

उत्तराखंड की चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी पुण्यतिथि पर 18 सितंबर को ऋषिकेश और यमकेश्वर क्षेत्र में कांग्रेस के ‘न्याय मार्च’ को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ऋषिकेश के चिल्ला बैराज और वनांतरा रिसॉर्ट के समीप प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। वहीं, देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले में चल रही सीबीआई (CBI) जांच से पूरा सच सामने आ जाएगा।

पीटीआई और एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने यमकेश्वर के भोगपुर तल्ला में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बंद पड़े वनांतरा रिसॉर्ट की ओर रुख किया, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा सिफारिश किए जाने के बावजूद मामले से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ की पहचान को लेकर जांच की गति धीमी है। प्रदर्शन में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, प्रचार समिति प्रमुख प्रीतम सिंह और महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

विपक्ष के आरोपों पर मुख्य बिंदु रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने घटना के तत्काल बाद कठोर कानूनी कदम उठाए थे। सीएम धामी के अनुसार, मामले के तीनों मुख्य अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है और उच्च न्यायालय ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मृतका के परिजनों की मांग पर ही राज्य सरकार ने जनवरी 2026 में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय जांच एजेंसी की निष्पक्ष जांच से संपूर्ण तथ्य सामने आएंगे और विपक्षी दल इस संवेदनशील विषय पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी और उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। वर्तमान में केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अपराध शाखा इस मामले से जुड़े एसआईटी दस्तावेजों, प्राथमिकियों और प्रशासनिक रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

स्रोत: theprint.in · www.aninews.in