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Politics

तृणमूल सिंबल विवाद पर राहुल गांधी का ‘पार्टी चोरी’ का आरोप, भाजपा का पलटवार

चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस का नाम और सिंबल फ्रीज करने पर राहुल गांधी ने 'पार्टी चोरी' का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को राजनीति का 'भस्मासुर' बताया।

प्रतीकात्मक चित्र

चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और आधिकारिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में नया घमासान शुरू हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे ‘पार्टी चोरी’ करार दिया। वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को भारतीय राजनीति का ‘भस्मासुर’ बताया और उसके आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

मामले की शुरुआत चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश से हुई, जिसमें आगामी उपचुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पार्टी के नाम और ‘जोड़ा घास फूल’ सिंबल का उपयोग करने से रोक दिया गया। इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले शिवसेना, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और अब तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एक ही पैटर्न अपनाया जा रहा है। राहुल गांधी के अनुसार, चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल मिलकर विपक्षी पार्टियों को तोड़ रहे हैं और उनके चुनाव चिह्न छीन रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का पतन बताया।

राहुल गांधी के बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीखा पलटवार किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले राहुल गांधी को अपनी पार्टी के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने शासनकाल के दौरान कांग्रेस ने न केवल विपक्षी दलों की चुनी हुई सरकारों को असंवैधानिक तरीके से गिराया, बल्कि अपने ही दिग्गज नेताओं को राजनीतिक रूप से किनारे किया। त्रिवेदी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और गुलाम नबी आजाद का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास अपने ही सहयोगियों को धोखा देने का रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने आगे दावा किया कि भाजपा देश की एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी है जिसमें कभी कोई बड़ा विभाजन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब भी देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर संकट आया, भाजपा और भारतीय जनसंघ ने संविधान की रक्षा की। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के निर्णय पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता की मांग की है। उपचुनावों के मद्देनजर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।

चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को अलग-अलग नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं, जिनके तहत ही वे चुनाव में अपने उम्मीदवार उतार सकेंगे।

स्रोत: www.thehindu.com · hindi.theprint.in