देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर पूर्णकालिक ‘विस्तारक’ तैनात करने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्टों और पीटीआई के अनुसार, 10 वर्षों की सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए ये विस्तारक चुनाव तक अपने आबंटित क्षेत्रों में ही प्रवास करेंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक विस्तारक को संबंधित विधानसभा क्षेत्र में रहकर आम जनता और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये विस्तारक केंद्र सरकार और पुष्कर सिंह धामी नीत राज्य सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का प्रचार-प्रसार करेंगे। इसके साथ ही, पूरे राज्य में विस्तारकों के कामकाज में एकरूपता बनाए रखने के लिए केंद्रीय नेतृत्व की ओर से दिशा-निर्देशों की सूची भी जारी की गई है।
भाजपा इस रणनीति के तहत विशेष रूप से उन लगभग 3,000 पोलिंग बूथों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी को बढ़त नहीं मिल सकी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व इन कमजोर बूथों का गहन विश्लेषण कर रहा है और प्रत्येक बूथ के लिए अनुकूल रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। हाल ही में भाजपा नेता नितिन नवीन ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान राज्य इकाई को बूथ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने और निचले स्तर पर सांगठनिक अंतर को पाटने के निर्देश दिए थे।
उत्तराखंड में वर्ष 2017 से भाजपा की सरकार है और पार्टी आगामी चुनावों में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पिछले 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 47 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा के एक प्रदेश स्तरीय नेता के अनुसार, पार्टी का मानना है कि बूथ स्तर पर सूक्ष्म प्रबंधन और विस्तारकों की सक्रियता से चुनाव नतीजों में निर्णायक लाभ मिल सकता है।
स्रोत: www.deccanchronicle.com




