देहरादून स्थित एक अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में लगभग 124 करोड़ रुपये की जमा पूंजी फंसने और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिरीक्षक (गढ़वाल रेंज) और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोभाल को मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
यह कदम समाज कल्याण मंत्री खजान दास के नेतृत्व में पहुंचे लगभग 50 प्रभावित जमाकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री आवास पर की गई शिकायत के बाद उठाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में बताया कि नियामक पाबंदियों के कारण बैंक में जमा उनकी जीवन भर की बचत अटक गई है और जमाकर्ता अपनी ही राशि निकालने में असमर्थ हैं।
प्रतिनिधिमंडल के अधिकृत प्रतिनिधि अछिन गुप्ता और वरिष्ठ जमाकर्ता मंजू झाम ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बैंक प्रबंधन पर वित्तीय मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाया। जमाकर्ताओं का कहना है कि बैंक में कर्मचारियों की भर्ती के दौरान तय योग्यता मानदंडों को नजरअंदाज किया गया और उच्च पदों पर कथित रूप से प्रबंधन से जुड़े रिश्तेदारों की भारी वेतन पर नियुक्तियां की गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय गड़बड़ी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्रोत: www.newindianexpress.com · thehillstory.in




