उत्तराखंड के हल्द्वानी में रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राज्य की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग किए जाने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा पलटवार किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुकी है और अनावश्यक विषयों को तूल दे रही है। वहीं, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने रविवार को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस नेताओं द्वारा मौन उपवास तथा रामधुन का आयोजन करने का ऐलान किया है।
शनिवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में शुद्धिकरण का अनुष्ठान किया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने इसे संविधान और छुआछूत विरोधी कानूनों का उल्लंघन बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की। इधर, देहरादून में भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। पीटीआई के अनुसार, राज्य कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल और शहर अध्यक्ष जसविंदर सिंह जोगा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार शाम हल्द्वानी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि शुद्धिकरण कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैली के दौरान वहां भड़काऊ नारे लगाए गए थे, जिसके जवाब में कुछ स्थानीय धार्मिक संगठनों ने यह अनुष्ठान आयोजित किया था। एएनआई के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर काम हो रहा है और राज्य में जातिगत भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। उधर, भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी दो प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का हवाला देते हुए राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया और कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया।
मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने रविवार को हल्द्वानी में जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। समाचार एजेंसी एएनआई से फोन पर बातचीत में उत्तराखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बताया कि लगभग 300 से 400 कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रविवार को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एकत्रित होकर मौन उपवास रखेंगे और रामधुन गाएंगे। आर्य ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की अनुमति न मिलने की आशंका के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता तय कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
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