देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने घोषणा की कि इस योजना के पहले चरण में प्रदेश के 11,000 योग्य विद्यार्थियों को विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी।
इस योजना के अंतर्गत राज्य के शासकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सिविल सेवा (यूपीएससी और राज्य लोक सेवा आयोग), रक्षा सेवाओं (सीडीएस), बैंकिंग, रेलवे और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं का ऑनलाइन मार्गदर्शन मिलेगा। इसके अतिरिक्त कैट, मैट, गेट, नेट और सीएसआईआर-नेट जैसी उच्च शिक्षा व पात्रता परीक्षाओं के लिए भी विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा नि:शुल्क अध्ययन सामग्री और कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संसाधनों का अभाव या वित्तीय बाधाएं किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के आड़े नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों के छात्र प्रायः गुणवत्तापूर्ण कोचिंग से वंचित रह जाते हैं, जिन्हें अब घर बैठे ही देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिल सकेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित रखना नहीं, बल्कि कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार प्रदाता बनाना भी है।
कार्यक्रम में मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि योजना के तहत विद्यार्थियों का चयन स्क्रीनिंग परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को लाइव कक्षाओं के अलावा रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटीरियल, क्वेश्चन बैंक, ऑनलाइन मॉक टेस्ट और मेंटॉरशिप जैसी सुविधाएं मिलेंगी। डॉ. रावत ने यह भी साझा किया कि राज्य के ई-ग्रंथालय के जरिए 20 लाख से अधिक पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच बनाई जा चुकी है तथा इस सत्र से छात्रसंघ चुनावों में 50 प्रतिशत पद छात्राओं के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, पहले चरण के 11 हजार लक्ष्यों में से एसएससी, बैंकिंग और रेलवे के लिए 5,000, डिफेंस सर्विसेज के लिए 2,000, नेट-गेट जैसी परीक्षाओं के लिए 1,000 तथा प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 1,000 सीटें निर्धारित की गई हैं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित शासन व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्रोत: www.hindustantimes.com · www.livemint.com




