उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की लगभग 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़े कल्याणकारी फैसलों की घोषणा की है। मंगलवार को अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मासिक मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 प्रति माह करने का ऐलान किया। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कर्मियों और उनके परिवारों के लिए प्रति वर्ष ₹5 लाख तक की मुफ्त कैशलेस स्वास्थ्य सेवा सुविधा देने की भी घोषणा की गई है।
एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में अयोध्या मंडल से 12,000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकत्रियों और पर्यवेक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही नवनियुक्त आंगनबाड़ी कर्मियों को नियुक्ति पत्र और साड़ियों का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बाल कल्याण और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में जुटीं फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ‘स्मार्ट केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि पोषण और स्वास्थ्य संबंधी डेटा रियल-टाइम में दर्ज किया जा सके। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी द्वारा जारी आधिकारिक शासनादेश के अनुसार, यह मानदेय वृद्धि सितंबर 2026 से ही प्रभावी होगी और इसी महीने के भुगतान में जुड़कर मिलेगी।
अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया। राम मंदिर परिसर पहुंचने पर मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री की अगवानी की। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹3,000 था, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर ₹12,000 तक पहुंचाया गया है।




