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यूपी: सीएम योगी ने वाराणसी और चित्रकूट में लिया बाढ़ का जायजा, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री

सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी और चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण कर पीड़ितों को 26 वस्तुओं वाली राहत किट व भूमि आवंटन पत्र सौंपे। आपदा में ₹4 लाख मुआवजा देने के निर्देश दिए।

प्रतीकात्मक चित्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत और पुनर्वास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने वाराणसी और चित्रकूट जिलों के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया तथा राहत शिविरों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुओं से युक्त आपदा राहत किट वितरित की तथा बेघर हुए परिवारों को पक्के आवास के निर्माण के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे।

वाराणसी के सलारपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज में आयोजित राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लगभग एक दशक पूर्व मानसून के दौरान प्रदेश के 40 से 45 जिले बाढ़ से प्रभावित हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि विगत नौ से साढ़े नौ वर्षों में किए गए प्रशासनिक और अवसंरचनात्मक सुधारों के परिणामस्वरूप अब केवल 14 जिलों में ही सीमित जलभराव की स्थिति बनी है, जहां प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल राहत कार्यों में जुटे हैं।

बाढ़ प्रबंधन की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित परिवारों को प्रदान की जा रही 50 किलोग्राम की राहत किट में खाद्यान्न, दाल, तेल, नमक, बच्चों के लिए दूध, बिस्कुट, तिरपाल, बाल्टी और डिग्निटी किट समेत 26 प्रकार की आवश्यक सामग्री शामिल है। इसके अलावा, बाढ़ जनित आपदाओं जैसे मकान ढहने, आकाशीय बिजली गिरने या सर्पदंश से जनहानि होने की दशा में पीड़ित परिवारों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से 24 घंटे के भीतर ₹4 लाख की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

चित्रकूट दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी और पयस्वनी नदियों के जलस्तर में वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की और लगभग 800 पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि जलस्तर घटने के उपरांत प्रभावित गांवों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए क्लोरीन गोलियों का वितरण, नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और पेयजल स्रोतों की सफाई को प्राथमिकता दी जाए।

उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अपने उच्चतम स्तर 135.20 मीटर से घटकर 128 मीटर पर आ गया है, जबकि वाराणसी में गंगा और वरुणा नदियों से प्रभावित इलाकों में 18 से अधिक राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं और जलमग्न हुई कृषि फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है।

स्रोत: theprint.in · www.hindustantimes.com · www.aninews.in