उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के शहरों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के उद्देश्य से ‘अमृत 2.0’ (अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन) योजना के तहत बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों पर प्रदेश के 762 नगरीय निकायों और 60 अमृत शहरों में बुनियादी विकास के लिए 29,716.29 करोड़ रुपये की कुल 637 परियोजनाओं को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वीकृत विकास कार्यों में सबसे बड़ा हिस्सा शहरी आबादी को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और सीवरेज प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आवंटित किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 18,829 करोड़ रुपये की लागत से 437 पेयजल परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य शहरी परिवारों को सुचारू पेयजल आपूर्ति से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त, बेहतर जल निकासी और सीवर नेटवर्क तैयार करने के लिए 10,124 करोड़ रुपये की लागत वाली 41 सीवरेज एवं स्वच्छता परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
शहरी पर्यावरण में सुधार और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भी योजना में विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं। एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले 190 पारंपरिक सरोवरों और तालाबों के पुनरुद्धार के लिए 403.45 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, नगरीय क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने और नागरिकों की सुविधा के लिए 89.76 करोड़ रुपये की लागत से 1,777 पार्कों तथा ग्रीन बेल्ट का विकास किया जा रहा है।
परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीकृत 637 कार्यों में से 114 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 453 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है। अब तक कुल 612 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है और 567 परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है।
यूपी जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर के अनुसार, अमृत 2.0 मिशन के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। वर्षा जल संचयन और सीवरेज नेटवर्क के विस्तार से राज्य के सभी प्रमुख निकायों में जल सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
स्रोत: www.abplive.com · www.livehindustan.com




