उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 23 सितंबर को राज्य के किसानों और वाहन चालकों के लिए दो प्रमुख योजनाओं—’मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ और ‘भारत टैक्सी’ सेवा—का औपचारिक शुभारंभ किया। राजधानी लखनऊ स्थित 5-कालिदास मार्ग से आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कृषक समृद्धि ई-पोर्टल और मोबाइल ऐप का भी लोकार्पण किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और राज्य में सहकारिता आधारित सेवाओं का विस्तार करना है।
‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से 6 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले ग्राम विकास बैंक द्वारा 11 से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जाता था। इस योजना के क्रियान्वयन और किसानों को ब्याज अनुदान देने के लिए राज्य सरकार ने 384 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसके अंतर्गत पात्र किसान अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
सहकारिता विभाग के अनुसार, कृषक समृद्धि योजना का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य के 5 लाख किसानों को लाभान्वित करना है। ऋण की स्वीकृति और आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन ई-पोर्टल की शुरुआत की गई है। इसके अलावा, जो पुराने ऋणी किसान समय पर अपने ऋण का भुगतान करते रहे हैं, उन्हें भी योजना के तहत ब्याज अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा।
इसके साथ ही, सहकारिता क्षेत्र के अंतर्गत शुरू की गई ‘भारत टैक्सी’ सेवा के जरिए प्रदेश के 50 हजार से अधिक टैक्सी चालकों को सीधा लाभ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह सेवा कैब चालकों को डिजिटल मंच प्रदान करने के साथ-साथ यात्रियों को सुरक्षित और किफायती परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
योजना के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों के जिला मुख्यालयों और ग्राम विकास बैंक शाखाओं में वर्चुअल प्रसारण का आयोजन किया गया, जहाँ स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। सहकारिता विभाग के अनुसार, योजना के तहत ऋण आवेदन की डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था भी लागू की गई है।
स्रोत: www.jagran.com · www.aajtak.in




