लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में बनने वाली ‘जापानी सिटी’ के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने और जापानी निवेश को सुगम बनाने के लिए उच्चस्तरीय निर्देश जारी किए हैं। सोमवार को इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रस्तावित 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने शेष भूमि का अधिग्रहण भी जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी के तहत एक समर्पित ‘यमानाशी जापान डेस्क’ स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस डेस्क के माध्यम से उत्तर प्रदेश और जापान के यमानाशी प्रांत के बीच निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा और हर तीसरे महीने में इसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यमानाशी के राज्यपाल कोतारो नागासाकी के नेतृत्व में 240 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से प्रदेश में निवेश का सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों के साथ हुए समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर संवाद आवश्यक है, ताकि राज्य के युवाओं को विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और कौशल विकास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिल सकें।
पर्यटन संवर्धन के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने राज्य में आने वाले जापानी पर्यटकों के लिए एक एकीकृत ‘बौद्ध सर्किट’ मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए। इस मार्ग के जरिए पर्यटकों को सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों की सुगम यात्रा कराई जाएगी। इसके साथ ही जापान के यूनेस्को विश्व धरोहर शहर ‘नारा’ और सारनाथ के बीच सांस्कृतिक संबंध स्थापित करने की योजना पर भी बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने जापानी कंपनियों की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य के युवाओं के लिए जापानी भाषा प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों में तेजी लाने को कहा है। उन्होंने आगामी सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 2026 में जापान में आयोजित होने वाले विभिन्न वैश्विक कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के मंत्रियों, अधिकारियों, उद्योगपतियों और विशेषज्ञों के प्रतिनिधिमंडल को भेजने के निर्देश दिए हैं।
स्रोत: ddindia.co.in · news.abplive.com




