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Politics

यूपी कैबिनेट ने ‘स्टार्टअप पॉलिसी 2026’ मंज़ूर की, नवाचार को संस्थागत सहारा

यूपी कैबिनेट ने 06 जुलाई 2026 को ‘स्टार्टअप पॉलिसी 2026’ मंज़ूर की। रिपोर्टों के अनुसार नीति में प्रोटोटाइप व बीज-पूंजी अनुदान, पेटेंट प्रतिपूर्ति और ₹1,000 करोड़ कोष का प्रावधान है।

फोटो साभार: indiatoday.in

उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने 06 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी 2026’ को स्वीकृति दी, जिसका उद्देश्य राज्य में नवाचार और उद्यमिता को गति देकर निवेश और रोज़गार के नए अवसर बनाना है। आधिकारिक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कैबिनेट निर्णय पृष्ठ के अनुसार यह मंज़ूरी उसी बैठक में दी गई, जिसमें कई अन्य नीति फैसले हुए।

इंडिया टुडे की 08 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार नई नीति में प्रोटोटाइप विकास के लिए अधिकतम ₹5 लाख तक की अनुदान सहायता, मार्केट एंट्री के लिए अधिकतम ₹7.5 लाख तक की बीज-पूंजी सहायता तथा पेटेंट दाखिल करने पर व्यय की प्रतिपूर्ति (घरेलू पेटेंट के लिए ₹2 लाख तक, अंतरराष्ट्रीय के लिए ₹10 लाख तक) का प्रावधान किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि यह नीति 2030 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुँचाने की रणनीति से जुड़ी है।

इंडियन एक्सप्रेस ने 07 जुलाई 2026 को लिखा कि कैबिनेट ने स्टार्टअप पॉलिसी 2026 के साथ डेटा सेंटर पॉलिसी 2026 को भी हरी झंडी दी, जबकि आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा के हवाले से बताया गया कि नई स्टार्टअप नीति प्रारंभिक चरण से स्केल-अप तक वित्तीय और संस्थागत सहयोग सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।

वनइंडिया की 06 जुलाई 2026 की खबर के मुताबिक, नीति पैकेज में स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए ₹1,000 करोड़ के कोष का प्रावधान शामिल है, साथ ही अन्य कल्याण/निवेश-संबंधी निर्णय भी उसी बैठक में स्वीकृत किए गए। वहीं, इन्वेस्ट यूपी और स्टार्टइनयूपी पोर्टल पर 07–08 जुलाई 2026 को प्रकाशित अद्यतनों में राज्य के नवाचार तंत्र को मज़बूत करने के प्रयासों और नई नीति की पुष्टि की गई है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, नीति क्रियान्वयन के लिए राज्य-स्तरीय नोडल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा; योरस्टोरी की 08 जुलाई 2026 की रिपोर्ट ने इसे ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ के रूप में एकीकृत मंच बताकर स्पष्ट किया कि यह संस्थान विभिन्न विभागों और योजनाओं को एक छतरी के नीचे समन्वित करेगा।

आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कैबिनेट रिकॉर्ड के मुताबिक नीति 06 जुलाई 2026 को अनुमोदित हुई; मीडिया रिपोर्ट्स 07–08 जुलाई 2026 को प्रकाशित हुईं। अगला चरण विभागीय अधिसूचनाओं और ऑपरेशनल गाइडलाइंस के ज़रिये स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और निवेशकों तक प्रोत्साहन पहुँचाने का है, जैसा कि आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के बयानों में कहा गया है।

स्रोत: information.up.gov.in · www.indiatoday.in · indianexpress.com · www.oneindia.com