उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 78,000 से अधिक राशन कोटेदारों (उचित दर विक्रेताओं) को बड़ी आर्थिक सौगात दी है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े राशन विक्रेताओं के लाभांश (कमीशन) को 90 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री 17 अगस्त को लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में ‘सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी’ के तहत ई-पॉस (e-POS) आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का भी विधिवत शुभारंभ करेंगे।
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, लाभांश में प्रति क्विंटल 35 रुपये की सीधी वृद्धि से प्रदेश भर के हजारों कोटेदारों की आय में इजाफा होगा। बढ़ती महंगाई और दुकानों के रखरखाव के खर्चों को देखते हुए राशन विक्रेता संघ लंबे समय से कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहा था। सरकार ने इस बढ़ी हुई दर के निर्बाध भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के वार्षिक लाभांश बजट आवंटन को भी बढ़ा दिया है।
इसके अलावा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से नई ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली लागू की जा रही है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए राशन कोटेदार गोदामों से दुकानों तक खाद्यान्न की डोर-स्टेप डिलीवरी से जुड़ी अपनी समस्याएं, अनुभव और शिकायतें सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। विभाग के अनुसार, इस कदम से खाद्यान्न वितरण में बिचौलियों का प्रभाव कम होगा, कालाबाजारी पर रोक लगेगी और समय पर राशन आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
आयोजित होने वाले इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय तथा राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा भी उपस्थित रहेंगे। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, लखनऊ में इस डिजिटल सेवा का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर का दौरा करेंगे, जहां वे कुश्ती प्रतियोगिता के समापन अवसर पर ‘उत्तर प्रदेश केसरी’ और ‘उत्तर प्रदेश कुमार’ विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे।
स्रोत: aajtak.in · amritvichar.com




