उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 17 अगस्त को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित एक बच्चे के उपचार के लिए अधिकारियों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। लखनऊ में जारी मूसलाधार बारिश के बीच सीतापुर जिले की निवासी रोली नामक महिला अपने बीमार बच्चे को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंची थीं, जहां उन्होंने बच्चे के इलाज के लिए वित्तीय मदद की गुहार लगाई थी।
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, फरियादी महिला की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संबंधित अस्पताल से इलाज के खर्च का अनुमान पत्र (एस्टीमेट) शीघ्रता से मंगवाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चे के संपूर्ण इलाज का खर्च मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से वहन किया जाएगा और प्रशासनिक प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के पूरा किया जाए।
जनता दर्शन में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धन के अभाव के कारण किसी भी व्यक्ति का इलाज बाधित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए जरूरतमंद परिवारों को निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन के दौरान राजस्व, पुलिस, चिकित्सा और भूमि अतिक्रमण से संबंधित प्राप्त प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए निर्देश दिया कि सभी जनसमस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। शासन के अनुसार, अस्पताल से एस्टीमेट प्राप्त होते ही वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी जाएगी।
स्रोत: theprint.in · www.freepressjournal.in




