Skip to content
Politics

यूपी में ₹50–60 हजार करोड़ के नए सड़क प्रोजेक्ट मंजूर; हर जिला चार-लेन से जोड़े जाने पर जोर

यूपी के लिए ₹50–60 हजार करोड़ के नए सड़क प्रोजेक्ट्स को मंजूरी; हर जिला मुख्यालय चार-लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा और बड़े शहरों में बाइपास विकसित होंगे, आधिकारिक ब्रीफिंग्स के अनुसार।

फोटो साभार: timesofindia.indiatimes.com

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के बाद बताया कि राज्य के लिए सड़क अवसंरचना के ₹50,000–60,000 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बाइपास विकसित किए जाएंगे और हर जिला मुख्यालय को चार-लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। यह घोषणा 13 जुलाई को हुए कार्यक्रम के बाद 14–15 जुलाई को विभिन्न माध्यमों में साझा की गई जानकारी पर आधारित है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया और कहा कि ये प्रोजेक्ट्स प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देंगे।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया कि नितिन गडकरी ने समीक्षा बैठक के पश्चात उत्तर प्रदेश के लिए नए राजमार्ग कार्यों को स्वीकृति देने की जानकारी दी, जिनमें उत्तर–दक्षिण कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले कॉरिडोर भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा/स्वीकृति पर चर्चा हुई उनमें मथुरा–बरेली–सितारगंज फोर-लेन (लगभग ₹13,980 करोड़), आगरा–अलीगढ़ फोर-लेन (लगभग ₹5,904 करोड़), आगरा–ग्वालियर–झांसी–नागपुर आर्थिक कॉरिडोर, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (जेवर) के लिए छह-लेन कनेक्टिविटी और मुरादाबाद–काशीपुर फोर/सिक्स-लेन अपग्रेड शामिल हैं।

द प्रिंट के पीटीआई फ़ीड के अनुसार, गडकरी ने कहा कि अगले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में ₹5 लाख करोड़ के सड़क कार्य पूरे होंगे और “मीटिंग में जिन नए कार्यों पर चर्चा हुई—₹50,000–60,000 करोड़—उन्हें स्वीकृति दे दी गई है।” टाइम्स ऑफ इंडिया की 14 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रस्तावित हर-जनपद चार-लेन कनेक्टिविटी और प्रमुख शहरों के बाइपास से यात्रा समय घटेगा और औद्योगिक व लॉजिस्टिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस और पीटीआई के अनुसार, 13 जुलाई को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की संयुक्त समीक्षा बैठकों के बाद ये स्वीकृतियां सार्वजनिक की गईं, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय और मीडिया ब्रीफिंग्स में राज्य के उत्तर–दक्षिण संपर्क को नए कॉरिडोरों के जरिये मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। पीटीआई-आधारित रिपोर्ट के शब्दों में, “मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आश्वस्त करता हूं कि आज जिन नए कार्यों (₹50,000–60,000 करोड़) पर चर्चा हुई है, उन्हें मंजूरी दी जा चुकी है।”

स्रोत: timesofindia.indiatimes.com · www.financialexpress.com · theprint.in