पुणे में बोलने और सुनने में अक्षम एक डिलीवरी एग्जिक्युटिव का वीडियो 15 जुलाई को सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें वह व्यस्त ट्रैफिक के बीच मुस्कान के साथ ऑर्डर सौंपते दिख रहा है। एनडीटीवी के अनुसार, यह क्लिप इंस्टाग्राम पर साझा होने के बाद लोगों ने उनकी लगन और शालीनता की सराहना की और कमेंट्स में ‘रिस्पेक्ट’ और ‘प्रेरणा’ जैसे संदेश लिखे।
वीडियो साझा करने वाले उपयोगकर्ता ने, Curly Tales की रिपोर्ट के मुताबिक, बताया कि उन्होंने डिलीवरी पार्टनर से संवाद के लिए अपने फोन के नोट्स ऐप का सहारा लिया और बातचीत सहज ढंग से पूरी हुई। पोस्ट में लिखा गया कि “हममें से बहुतों के बहाने होते हैं, पर वे कठिनाइयों के बावजूद काम कर रहे हैं—हमें क्या रोक रहा है?”
एनडीटीवी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंस्टाग्राम पर यह क्लिप अल्प समय में ही व्यापक रूप से साझा की गई और हजारों व्यूज़ मिले। कई उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी की कि डिलीवरी कर्मियों के लिए शहर का ट्रैफिक और मौसम हमेशा चुनौतीपूर्ण होते हैं, ऐसे में दिव्यांगजन का बिना किसी शिकायत के दायित्व निभाना प्रेरक मिसाल है।
Curly Tales के अनुसार, पोस्ट करने वाले यूज़र अजयपाल राठौर ने बताया कि डिलीवरी एग्जिक्युटिव ने शांत स्वभाव से ऑर्डर हैंडओवर किया और लिखकर संक्षिप्त बातचीत की। वीडियो के साथ अपील भी की गई कि डिलीवरी कर्मचारियों के साथ शिष्टाचार रखें और सीढ़ियां, लिफ्ट, या सटीक लोकेशन संकेत जैसे छोटे सहयोग दें ताकि उनका काम आसान हो।
इस वायरल क्लिप के बाद सोशल मीडिया पर रोजगार और समावेशन पर चर्चा तेज़ हुई। कई यूज़र्स ने लिखा कि कंपनियां और ग्राहक, दोनों, संप्रेषण‑सहायक टूल्स (जैसे इन‑ऐप टेक्स्ट, प्री‑सेट मैसेज, विज़ुअल क्यू) का इस्तेमाल बढ़ाएँ तो दिव्यांग डिलीवरी पार्टनर्स का अनुभव और सुरक्षित व सम्मानजनक बन सकता है।
एनडीटीवी और Curly Tales दोनों ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को इस वीडियो के तेजी से फैलने की पुष्टि की और बताया कि इंस्टाग्राम रील पर प्रोत्साहन भरे कमेंट्स लगातार जुड़ रहे हैं।
स्रोत: www.ndtv.com · curlytales.com




