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Politics

प्रयागराज मंडल में ₹16,015 करोड़ के PWD कार्य मंजूर; 15 अगस्त तक शिलान्यास का निर्देश

सीएम योगी ने 6 जुलाई 2026 को प्रयागराज में PWD के ₹16,015.13 करोड़ के 3,094 कार्य मंजूर किए; जिलावार आवंटन तय, 15 अगस्त तक शिलान्यास के निर्देश। प्रमुख पुल परियोजनाओं व कांवड़ पाथ पर भी समीक्षा।

फोटो साभार: timesofindia.indiatimes.com

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को प्रयागराज में बैठक कर लोक निर्माण विभाग (PWD) के ₹16,015.13 करोड़ के 3,094 कार्यों को मंजूरी दी। हिंदुस्तान टाइम्स और टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, समीक्षा बैठक में मंडल के चारों जिलों—प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशांबी—के विधानसभा-वार प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, स्वीकृत प्रस्तावों में प्रयागराज जिले के 1,168 कार्यों के लिए ₹9,668.27 करोड़, प्रतापगढ़ के 1,092 कार्यों के लिए ₹2,053.36 करोड़, फतेहपुर के 521 कार्यों के लिए ₹3,378.37 करोड़ और कौशांबी के 313 कार्यों के लिए ₹915.13 करोड़ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं का शिलान्यास 15 अगस्त 2026 तक कर दिया जाए और गुणवत्तात्मक मानकों का सख्ती से पालन हो। यह निर्देश बैठक में प्रस्तुत प्रगति-प्रतिवेदन के आधार पर दिया गया, जिसमें गत वर्ष स्वीकृत कार्यों की स्थिति और 2026–27 के प्रस्ताव सम्मिलित थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षा में गंगा पर शास्त्री पुल के समानांतर प्रस्तावित नए पुल, यमुना पर पुराने नैनी पुल के समानांतर प्रस्तावित पुल और हंडिया (लक्षागृह घाट)–मेजा (परनीपुर घाट) के बीच संभावित पुल जैसे प्रमुख कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भी चर्चा में रहे। मुख्यमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को आईआईटी द्वारा तकनीकी वैटिंग सहित गुणवत्तापरक जांच सुनिश्चित करने और प्रोजेक्ट टाइमलाइन का अनुपालन कराने के निर्देश दिए।

लाइव हिन्दुस्तान के अनुसार, बैठक प्रयागराज मेला प्राधिकरण सभागार/इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परिसर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर कार्यों को क्रमबद्ध किया जाए, ताकि स्वीकृत परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध रूप से शुरू हो सके।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात दबाव को देखते हुए शास्त्री पुल के साथ समर्पित ‘कांवड़ पाथ’ की व्यवहार्यता जांचने का सुझाव सामने आया, जिस पर विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

स्रोत: www.hindustantimes.com · timesofindia.indiatimes.com · www.livehindustan.com