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Politics

हरिद्वार संत समागम: ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर बोले शिवराज और धामी, कांग्रेस का पलटवार

हरिद्वार में आयोजित संत समागम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' की पैरवी की, जिस पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने पलटवार किया है।

फोटो साभार: newindianexpress.com

उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित संत समागम के दौरान केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ व्यवस्था और ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन का समर्थन किया। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने संत समाज से अपील की कि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से देशभर में इन विषयों पर जन-जागरण अभियान चलाएं। वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा पर राष्ट्रीय प्रतीक का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।

हरिद्वार के बंदिछोड़ में संत समागम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश में विकास कार्य बाधित होते हैं और प्रशासनिक ऊर्जा तथा वित्तीय संसाधनों की बर्बादी होती है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चौहान ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ लागू होने से देश की प्रगति को गति मिलेगी। वंदे मातरम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह गीत किसी एक राजनीतिक दल या समुदाय का नहीं, बल्कि पूरी मातृभूमि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले राजनीतिक दबाव के कारण इस गीत के टुकड़े किए गए थे, लेकिन अब देश को दोबारा बंटने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अपील का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार संतों के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत कर रही है।

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के इन बयानों पर तीखा पलटवार किया है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इन विषयों को राजनीतिक रंग दे रही है। रावत ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम कांग्रेस का मुख्य आह्वान गीत था और पार्टी का इतिहास देशभक्ति के बलिदानों से भरा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक विरासत को हथियाने का प्रयास कर रही है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, इस संत समागम में राज्य के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और कई स्थानीय विधायक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संत समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय एकता और प्रशासनिक सुधारों के समर्थन में धार्मिक मंचों के जरिए सामाजिक जागरूकता फैलाने का संकल्प व्यक्त किया।

स्रोत: www.jagran.com · www.newindianexpress.com