नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय कार्यालय में रविवार, 23 अगस्त को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सांगठनिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, गोवा और हिमाचल प्रदेश सहित वर्ष 2027 में होने वाले सात राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों की चुनावी रणनीति और सांगठनिक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न राज्यों के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री शामिल हुए।
बैठक के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष भी मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनाव वाले राज्यों में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना, नए सदस्यों को जोड़ना और युवाओं तक पार्टी की पहुंच बढ़ाना था। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राज्य के सांगठनिक प्रमुखों के साथ विभिन्न सांगठनिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
यह सांगठनिक बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार, 22 अगस्त की रात भाजपा मुख्यालय में नवनियुक्त 67 राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ की गई पांच घंटे से अधिक लंबी बातचीत के ठीक अगले दिन आयोजित की गई। पीएम मोदी ने पदाधिकारियों को जमीन पर सक्रियता बढ़ाने और युवाओं से निरंतर संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही बैठक में पार्टी नेताओं ने ‘वंदे मातरम’ के इतिहास और इसके राष्ट्रीय महत्व को लेकर देशव्यापी अभियान चलाने का भी निर्णय लिया।
उत्तराखंड के संदर्भ में, राज्य में 2027 के शुरुआती महीनों में विधानसभा चुनाव होने प्रस्तावित हैं। पीटीआई और ‘द पायनियर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए बूथ सशक्तिकरण अभियान और युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने की योजना तैयार की है। बैठक में तय रणनीति के अनुसार, पार्टी आगामी महीनों में राज्यों के सभी मंडलों और शक्ति केंद्रों पर बैठकों का नया दौर शुरू करेगी।
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