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Politics

उत्तराखंड: सीएम धामी ने सुशासन और UCC का मॉडल किया पेश, 34,000 नौकरियों का दिया हवाला

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली और हरिद्वार में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यूसीसी, 34 हजार नौकरियों और सख्त नकल रोधी कानून का उल्लेख किया और विपक्ष पर निशाना साधा।

प्रतीकात्मक चित्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार (22 अगस्त) को नई दिल्ली और हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और सुशासन मॉडल को रेखांकित किया। द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास और पर्यावरण संतुलन के साथ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के क्रियान्वयन, नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य (SDG) रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को अपनी सरकार का मुख्य आधार बताया।

मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार ने 34,000 से अधिक युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि राज्य गठन के शुरुआती 20 वर्षों में कुल 16,000 के करीब नियुक्तियां हुई थीं। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कड़े प्रशासनिक फैसलों के कारण अब नकल माफिया पर प्रभावी नकेल कसी गई है।

हरिद्वार के बंदी छोड़ श्री ब्रह्मनिवास आश्रम में आयोजित 51वें निर्वाण दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर भी राजनीतिक हमला बोला। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई न होने का दावा पूरी तरह तथ्यहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पुरानी मानसिकता के आधार पर राजनीति करने की कोशिश कर रहा है, जबकि राज्य की जनता परिणाम उन्मुख नीतियों का समर्थन कर रही है।

भविष्य के आर्थिक रोडमैप पर बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतियां तैयार की जा रही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, वर्ष 2023 के वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले हरिद्वार महाकुंभ के लिए बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।

स्रोत: timesofindia.indiatimes.com · indianexpress.com