दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने आईआरसीटीसी (IRCTC) होटल लीज मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष व पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत केस चलाने के पर्याप्त साक्ष्य और प्रथम दृष्टया ‘मजबूत संदेह’ मौजूद हैं।
विशेष अदालत ने फैसले में बचाव पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया गया था। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि तत्कालीन रेल मंत्री के संरक्षण में निविदा प्रक्रिया में हेरफेर करने और अवैध संपत्तियों का लाभ उठाने के पर्याप्त संकेत मिले हैं। अदालत ने मामले में नामजद कुल 16 आरोपियों में से सात को बरी कर दिया, जिनमें लालू प्रसाद के दामाद राहुल यादव भी शामिल हैं। वहीं, लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता, उनकी पत्नी सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स के निदेशकों और मैसर्स लारा प्रोजेक्ट्स के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया।
यह मामला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA-1) सरकार के दौरान वर्ष 2004 से 2009 के बीच रांची और पुरी स्थित आईआरसीटीसी के दो होटलों के लीज आवंटन में हुई कथित अनियमितताओं से संबंधित है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर सुजाता होटल्स को ठेका दिया गया, जिसके बदले पटना में बहुमूल्य भूमि बेनामी कंपनी के माध्यम से हस्तांतरित कराई गई थी। इसी मामले में सीबीआई ने पहले ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी।
राउज एवेन्यू अदालत ने पीएमएलए की धारा 3 और धारा 4 के तहत आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर 2026 की तारीख को निर्धारित की है।
स्रोत: www.newindianexpress.com · www.thehindu.com




