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Politics

उत्तराखंड में SIR पर सियासी संग्राम: वोटर लिस्ट पर विवाद के बाद 9 विशेष प्रेक्षक तैनात

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। फर्जी आपत्तियों के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने 3 जिलों में 9 विशेष प्रेक्षक तैनात किए हैं।

प्रतीकात्मक चित्र

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तीखा हो गया है। प्रक्रिया में गड़बड़ी और फर्जी आपत्तियों के जरिए नाम काटने के आरोपों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य के तीन संवेदनशील जिलों—हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल—में 9 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष प्रेक्षक (स्पेशल ऑब्जर्वर) के रूप में तैनात किया है।

द पायनियर के अनुसार, पूर्व विधायक मनोज रावत के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का आरोप है कि फॉर्म-7 के माध्यम से एक-एक व्यक्ति द्वारा हजारों मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दाखिल किए गए हैं। मनोज रावत ने दावा किया कि आंकड़े विश्लेषण से पता चला है कि एक ही व्यक्ति ने 6,400 से अधिक लोगों के नाम हटाने पर आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि उधम सिंह नगर जिले में 1.02 लाख से अधिक मतदाताओं को संदिग्ध श्रेणी में डाला गया है।

दूसरी ओर, दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुनरीक्षण कार्य में बाधा डालने और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) व बीएलए-2 को धमकाने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत चल रही है और किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं काटा जा रहा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। पायनियर एज की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में मसौदा मतदाता सूची के 71 लाख मतदाताओं में से 24 लाख को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 15 लाख नोटिस पर सुनवाई पूरी कर ली गई है और शेष पर प्रक्रिया जारी है।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश के तहत हरिद्वार में संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्रा, नंद कुमार व गोपाल राम बिनवाल को, नैनीताल में संजय कुमार व विनीत तोमर को तथा उधम सिंह नगर में प्रकाश चंद्र दुम्का, जय किशन व दिवेश शशानी को विशेष प्रेक्षक बनाया गया है। ये अधिकारी आपत्तियों के निस्तारण की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे और प्रति सप्ताह दो बार मंडल आयुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को अपनी दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। राज्य में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को निर्धारित किया गया है।

स्रोत: www.dailypioneer.com · www.pioneeredge.in · www.jagran.com