नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऊधम सिंह नगर जिले की किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका परिषद चुनावों की मतगणना प्रक्रिया पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग की संशोधित अधिसूचना के आधार पर यह फैसला सुनाया। हालांकि, आयोग द्वारा पूर्व में निर्धारित कार्यक्रम के तहत 22 सितंबर को दोनों पालिकाओं में मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि ने पीठ को सूचित किया कि दोनों नगर निकायों में मतदान 22 सितंबर को आयोजित किया गया है, जबकि मतों की गिनती को अग्रिम आदेश तक स्थगित रखा गया है। किच्छा निवासी नईमुल हुसैन, मोहम्मद रफीक और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं में राज्य सरकार पर किच्छा और सिरौली कलां में चुनाव प्रक्रिया में देरी करने तथा सीमांकन व आरक्षण प्रक्रिया में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि वर्ष 2018 के विस्तारीकरण के बाद सिरौली कलां को किच्छा नगर पालिका में शामिल किया गया था, लेकिन मई 2025 में सरकार ने इसे पृथक पालिका के रूप में अधिसूचित कर दिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तय नियमों की अनदेखी कर यह निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त याचिका में कहा गया कि प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में एक वर्ष पूर्व चुनाव संपन्न हो चुके हैं, जबकि इन क्षेत्रों में लंबे समय से जनप्रतिनिधियों का चयन न होने से स्थानीय विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तिथि नियत की है। अदालत के निर्देशों के अनुसार, 5 अक्टूबर से इस याचिका पर दैनिक आधार पर नियमित सुनवाई शुरू होगी।
स्रोत: www.etvbharat.com · www.jagran.com




