उत्तराखंड में 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक गोलबंदी तेज हो गई है। राज्य में गोरखा समुदाय के बीच प्रभाव रखने वाले क्षेत्रीय राजनीतिक दल गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट (GDF) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में अपना औपचारिक विलय कर लिया है। देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान फ्रंट के केंद्रीय अध्यक्ष सूर्य विक्रम शाही ने अपने तमाम पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
यह विलय कार्यक्रम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट की उपस्थिति में संपन्न हुआ। महेंद्र भट्ट ने गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेताओं और कार्यकर्ताओं का पार्टी का पटका पहनाकर औपचारिक स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, उत्तराखंड के देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली और टिहरी समेत कई जिलों में गोरखा समुदाय की अच्छी-खासी आबादी निवास करती है। उन्होंने कहा कि इस विलय से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के जनाधार का विस्तार होगा।
गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट के केंद्रीय अध्यक्ष सूर्य विक्रम शाही ने भाजपा में शामिल होने के बाद कहा कि उनके दल के मुख्य मुद्दे और नीतियां भाजपा की विकास नीतियों से मेल खाती हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग छोटे दल बनाकर चुनाव लड़ने से वोटों का बिखराव होता है, जिसे रोकने के लिए उन्होंने पार्टी का भाजपा में विलय करने का फैसला लिया। इससे पूर्व, 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान भी गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट ने भाजपा को अपना समर्थन दिया था।
भाजपा प्रदेश संगठन के अनुसार, पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। इसी कड़ी में सितंबर माह में एक विशेष संगठनात्मक संपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और स्थानीय सामाजिक समूहों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा।
स्रोत: uttaranchaldarpan.com · pratidintime.com




