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कुंभ 2027 और अवसंरचना विकास के लिए CM धामी ने 227 करोड़ मंजूर किए, पेंशनरों को भी राहत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों, सड़कों और पुलिस ढांचे के लिए ₹227 करोड़ मंजूर किए। पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़कर 60% हुई।

प्रतीकात्मक चित्र

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, हरिद्वार कुंभ मेला 2027 की पूर्व तैयारियों और जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिए लगभग 227 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस स्वीकृत धनराशि का मुख्य उद्देश्य राज्य में धार्मिक पर्यटन बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना और प्रशासनिक सेवाओं का विस्तार करना है।

मंजूर किए गए बजट का सबसे बड़ा हिस्सा हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों से संबंधित विकास कार्यों के लिए तय किया गया है। सरकार ने कुंभ क्षेत्र में घाटों और आस्था पथ के निर्माण के लिए कुल 214.09 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके तहत चंडी घाट के निचले हिस्से में स्थित गौरीशंकर क्षेत्र में गंगा के बाएं तट पर घाटों के निर्माण के लिए 98.18 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जबकि बैरागी कैंप क्षेत्र में गंगा के दाएं तट पर घाट व आस्था पथ निर्माण के लिए 115.91 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

शहरी यातायात व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से देहरादून स्थित न्यू कैंट रोड के सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण परियोजना के तहत पेयजल लाइनों तथा विद्युत यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 11.95 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई है। वहीं, पुलिस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हरिद्वार जिले में पुलिस चौकी सुल्तानपुर के नए प्रशासनिक भवन हेतु 2.41 करोड़ रुपये की कुल लागत स्वीकृत की गई है, जिसमें से प्रथम किस्त के रूप में 96.59 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।

सामाजिक सुरक्षा और पूर्व सैनिकों के कल्याण के तहत राज्य के पूर्व सैनिकों के आश्रित बच्चों को उच्च शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए 36.84 लाख रुपये की छात्रवृत्ति धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों और निकायों के सिविल तथा पारिवारिक पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत (डीआर) की दर को बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रति माह कर दिया है। यह संशोधित महंगाई राहत 1 जनवरी 2026 से प्रभावी लागू मानी जाएगी।

राज्य सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा करने के निर्देश संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को जारी कर दिए गए हैं।

स्रोत: www.hindustantimes.com · www.livehindustan.com · www.jagran.com