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Politics

उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: 25 साल के बिजली समझौते समेत 17 प्रस्तावों को मंजूरी

उत्तराखंड कैबिनेट ने अडाणी पावर के साथ 25 साल के बिजली समझौते, राज्य सहकारिता नीति 2026 और मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन के गठन समेत 17 नीतिगत फैसलों को मंजूरी दे दी है।

प्रतीकात्मक चित्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 17 महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य में बेस-लोड ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) और अडाणी पावर लिमिटेड के बीच 25 साल के बिजली आपूर्ति समझौते (PSA) को हरी झंडी दिखाई गई। इस समझौते के तहत अडाणी पावर छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाले बिजली संयंत्र से 5.746 रुपये प्रति यूनिट की दर से 1,234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता की बिजली आपूर्ति करेगा।

मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति की तर्ज पर ‘उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति, 2026’ को स्वीकृति प्रदान की। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की सहकारी संस्थाओं को डिजिटल, पारदर्शी और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना है। इसके अलावा, राज्य के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और शल्य चिकित्सा उपकरणों की पारदर्शी व समयबद्ध खरीद के लिए ‘उत्तराखंड मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन’ के गठन को भी मंजूरी दी गई, जो मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में काम करेगा।

बैठक में मानसून सीजन समाप्त होते ही पूरे प्रदेश में युद्ध स्तर पर सड़कों की मरम्मत का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सहित संबंधित विभागों को अग्रिम निविधा प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए। सरकार उन पुरानी पीएमजीएसवाई सड़कों के रखरखाव के लिए भी बजट मुहैया कराएगी, जिनकी रख-रखाव की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है।

कैबिनेट ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुओं के दामों पर नजर रखने और कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश दिए। परिवहन क्षेत्र में सुधार के तहत ‘उत्तराखंड मोटर वाहन कराधान सुधार अधिनियम’ को मंजूरी दी गई, जिसके तहत सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस से छूट जारी रहेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों पर मिलने वाली रियायत वापस ले ली गई है।

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने ‘उत्तराखंड लोकायुक्त खोज समिति नियमावली, 2026’ और ‘उत्तराखंड जनसंख्या सर्वेक्षण रिकॉर्ड नियमावली, 2026’ को भी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि UPCL और अडाणी पावर के बीच हुए बिजली समझौते को अंतिम वैधानिक स्वीकृति के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

स्रोत: www.newindianexpress.com · www.livemint.com · www.hindustantimes.com