उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर में जुलूस के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ और उन्मादी भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए रुद्रपुर पुलिस ने आरोपी धर्मगुरु के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि राज्य में कानून का राज स्थापित है और धमकी देने की मानसिकता रखने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना रुद्रपुर स्थित त्रिशूल चौक की है, जहां जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान रामपुर निवासी मुफ्ती मुजीब पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के फैसलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। वायरल वीडियो में वक्ता द्वारा मदरसों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर चेतावनी भरा बयान दिया गया था। सोशल मीडिया पर वीडियो के व्यापक रूप से साझा होने के बाद पुलिस महकमे ने त्वरित संज्ञान लिया।
शुक्रवार को खटीमा के लोहियाहेड स्थित हेलीपैड पर संवाददाताओं से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में अब तुष्टीकरण और धमकियों की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश के भीतर संवैधानिक व्यवस्था एवं कानून का शासन मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन आरोपी को तलाश रहे हैं और उसके विरुद्ध विधि सम्मत तरीके से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखंड में सरकारी एवं सार्वजनिक जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान रुकने वाला नहीं है। राज्य शासन के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक चलाए गए अतिक्रमण रोधी अभियानों के माध्यम से 13,000 एकड़ से अधिक भूमि को कब्जामुक्त कराया जा चुका है। रुद्रपुर कोतवाली पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो क्लिप का तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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