उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर कलेक्ट्रेट में सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समीक्षा बैठक के दौरान राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में मतदाता सूची में आपत्तियों और फर्जी वोटों के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई।
बैठक में रुद्रपुर से भाजपा विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि फर्जी व दोहरे वोटों पर आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों को धमकाया जा रहा है। इस पर पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि भाजपा ने मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए हजारों आपत्तियां दर्ज कराई हैं, जबकि कांग्रेस द्वारा किसी को नहीं धमकाया गया है।
सभागार में दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ने पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल को बीच-बचाव करना पड़ा, जिसके बाद पूर्व विधायक ठुकराल को बैठक कक्ष से बाहर निकाला गया।
घटनाक्रम के बाद भाजपा विधायक शिव अरोड़ा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला कलेक्ट्रेट परिसर में समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। भाजपा नेताओं ने आपत्तिकर्ताओं को कथित तौर पर धमकाने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करने की मांग की।
मामले में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार ही मतदाता सूची से संबंधित सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
स्रोत: www.abplive.com · navinsamachar.com · devbhoomidialogue.co.in




