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Politics

उत्तराखंड: रामनगर में ‘लव जिहाद’ झांकी पर भाजपा कार्यकर्ता पर FIR, कोतवाली में भाजपाइयों का प्रदर्शन

नैनीताल जिले के रामनगर में जन्माष्टमी पर 'लव जिहाद' विषय पर झांकी सजाने पर भाजपा कार्यकर्ता पर केस दर्ज होने के बाद सियासत गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने कोतवाली में प्रदर्शन किया।

फोटो साभार: newindianexpress.com

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में जन्माष्टमी के अवसर पर ‘लव जिहाद’ विषय पर झांकी सजाने को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय पुलिस द्वारा भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में शनिवार देर रात बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रामनगर कोतवाली परिसर में जमा होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस और दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, जन्माष्टमी पर्व के दौरान रामनगर के कोसी रोड पर भाजपा कार्यकर्ता राजू रावत और उनके सहयोगियों ने ‘लव जिहाद’ पर आधारित एक झांकी स्थापित की थी। स्थानीय प्रशासन द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद आयोजकों ने झांकी को मौके से हटा लिया था। इसके बावजूद, पुलिस ने सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने और वैमनस्य फैलाने के आरोपों के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

केस दर्ज होने और पुलिस द्वारा कार्यकर्ता को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही भाजपा संगठन में खलबली मच गई। इसके बाद रामनगर के भाजपा नगर अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, किसान आयोग के सदस्य संजय डोर्बी, पूर्व नगर अध्यक्ष भावना भट्ट और पूर्व राज्यमंत्री दिनेश मेहरा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व सभासद रामनगर कोतवाली पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष भूपेंद्र खाती ने कहा कि राजू रावत ने जन्माष्टमी पर झांकी लगाई थी और प्रशासन का निर्देश मिलते ही उन्होंने लगभग 15 मिनट के भीतर उसे सम्मानपूर्वक हटा भी दिया था। खाती ने सवाल खड़ा किया कि जब मौके पर कोई विरोध या किसी भी वर्ग की ओर से शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, तो पुलिस ने रातों-रात मुकदमा दर्ज करने की जल्दबाजी क्यों दिखाई। उन्होंने पुलिस पर अनावश्यक कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए दर्ज मामले की समीक्षा करने की मांग की।

दूसरी ओर, रामनगर के कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द को किसी भी संभावित नुकसान से बचाने के लिए नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

स्रोत: www.newindianexpress.com · www.jagran.com