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Politics

उत्तराखंड: सीएम धामी ने ‘युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल लॉन्च किया, छात्रों के सुझाव बनेंगे सरकारी नीति

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 'युवा विद्यार्थी मंथन' पोर्टल लॉन्च किया। 3 लाख से अधिक छात्रों के सुझाव सरकारी नीतियों में शामिल होंगे तथा 140 मेधावी छात्रों को मुफ्त कोचिंग मिलेगी।

प्रतीकात्मक चित्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया। राज्य सरकार की इस नई पहल का उद्देश्य प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों के विचारों और सुझावों को शासकीय नीतियों तथा विकास योजनाओं में शामिल करना है। राज्य सूचना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के 2,828 सरकारी और निजी विद्यालयों के तीन लाख से अधिक 11वीं एवं 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में सहभागिता की।

पोर्टल के औपचारिक उद्घाटन के साथ ही ‘मेरे सपनों का उत्तराखण्ड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर प्रदेशस्तरीय निबंध प्रतियोगिता का भी आगाज हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद जन्मी नई पीढ़ी की सोच, तकनीकी समझ और आकांक्षाएं राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत व्यावहारिक सुझावों की समीक्षा के लिए अधिकारियों और विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है, जो उपयोगी विचारों को राज्य की भावी नीतियों में समाहित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के 140 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, चयनित मेधावी विद्यार्थियों को नीट (NEET), जेईई (JEE), क्लैट (CLAT) तथा सैट (SAT) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग का पूरा खर्च और संबंधित शुल्क राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने खेल अवसंरचना के विकास, विद्यालयों में स्पोर्ट्स पीरियड की संख्या बढ़ाने, उच्च शिक्षा प्रणाली के सशक्तीकरण, पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यावरण व विकास में संतुलन स्थापित करने जैसे प्रमुख विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। सूचना विभाग के अनुसार, छात्र-छात्राएं 24 अगस्त 2026 तक पोर्टल के माध्यम से अपने निबंध अपलोड कर सकते हैं, तथा सहभागिता करने वाले सभी विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

स्रोत: www.hindustantimes.com · www.livemint.com