कांग्रेस ने अपनी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रस्तावित बड़ी रैलियों को फिलहाल टाल दिया है। द प्रिंट के अनुसार (11 जुलाई 2026), पार्टी ने यह निर्णय तब लिया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा बढ़ने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि राहुल गांधी की अगली सभाओं के लिए तय कार्यक्रम रुका है और नई समय-सारिणी पर विचार चल रहा है।
इकोनॉमिक टाइम्स ने 10 जुलाई 2026 को बताया कि प्रयागराज (10 जुलाई) और патना (11 जुलाई) की निर्धारित छात्र सभाएं नहीं हो पाईं, जबकि कोटा (17 जून) के बाद यह अभियान बड़े आयोजनों के रूप में आगे बढ़ना था। उसी रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी पखवाड़े में नई तारीखें देखने की संभावना जताई गई है और वैकल्पिक स्थलों में देहरादून का नाम भी आंतरिक चर्चाओं में आया है।
द प्रिंट की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) और एनएसयूआई (NSUI) के जरिए चल रहे अभियान में बड़े मंचीय कार्यक्रमों के अलावा राज्यों में छोटे आयोजनों की योजना थी, पर केंद्रीय सभाओं के स्थगन के साथ व्यापक कार्यक्रम-सारिणी पर पुनर्विचार हो रहा है।
इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी ने इन रैलियों के स्थगन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। नागालैंड पोस्ट में प्रकाशित पीटीआई-आधारित रिपोर्ट (11 जुलाई 2026) के अनुसार, भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के “विदेश में अवकाश” पर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्र मुद्दों पर राजनीति करने के बाद अब कार्यक्रम रद्द किए जा रहे हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस पदाधिकारियों को सूचित किया गया है कि नई तारीखें जुलाई के दूसरे हिस्से में खोजी जा रही हैं। उसी रिपोर्ट में प्रयागराज और पटना के कार्यक्रम रुकने की बात के साथ, देहरादून को वैकल्पिक स्थल के रूप में विचार हेतु सूचीबद्ध होने का जिक्र है, जबकि द प्रिंट ने 11 जुलाई को बड़े आयोजनों के टलने का कारण राहुल गांधी की विदेश यात्रा बढ़ना बताया।
स्रोत: theprint.in · economictimes.indiatimes.com · nagalandpost.com




