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Politics

CJP मार्च के बीच ‘फायरिंग पोज़िशन’ वाले संसद विजुअल्स वायरल; ड्रोन फुटेज पर दिल्ली पुलिस की जांच

CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान संसद के बाहर सुरक्षा बलों के ‘फायरिंग पोज़िशन’ वाले विजुअल्स और ड्रोन शॉट्स वायरल; दिल्ली पुलिस ने ड्रोन रिकॉर्डिंग की जांच शुरू की।

फोटो साभार: livemint.com

दिल्ली में सोमवार को Cockroach Janta Party (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान संसद परिसर के बाहर तैनात सुरक्षा बलों के ‘फायरिंग पोज़िशन’ में नजर आने वाले विजुअल्स सोशल मीडिया पर तीव्रता से वायरल हो गए। CJP के आधिकारिक हैंडल द्वारा साझा किए गए क्लिप्स में बख्तरबंद वाहन के पीछे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती दिखती है। इस पर संगठन ने पोस्ट के जरिये अपील की—“प्लीज़ डोंट शूट”—और सुरक्षा एजेंसियों से संयम बरतने को कहा। यह वीडियो 20 जुलाई की दोपहर साझा हुआ और कुछ ही घंटों में व्यापक रूप से शेयर होने लगा, लिवमिंट के अनुसार।

हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, वायरल कंटेंट में एक अलग क्लिप भी शामिल है जिसमें एक युवक जंतर मंतर क्षेत्र में खड़े सुरक्षाकर्मियों से लाठीचार्ज न करने की गुजारिश करता नजर आता है। यह दृश्य मार्च को रोके जाने के दौरान रिकॉर्ड हुआ और कई प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया, जिससे प्रदर्शन व पुलिस बल की मुठभेड़ के क्षणों पर बहस तेज हुई।

इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग—पार्लियामेंट स्ट्रीट—के ऊपर से ली गई एक वायरल ड्रोन रिकॉर्डिंग का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू करने की बात कही है। द प्रिंट में छपी पीटीआई-आधारित रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कथित रूप से बिना अनुमति हुए इस ड्रोन ऑपरेशन की वैधता की जांच का आदेश दिया है।

घटनाक्रम के दौरान जगह-जगह बैरिकेडिंग, वॉटर कैनन और दंगा-नियंत्रण बल की तैनाती बढ़ाई गई। पुलिस ने पहले से ही परामर्श जारी कर कहा था कि संसद तक बिना अनुमति जुलूस निकालने की अनुमति नहीं है; वहीं प्रदर्शनकारियों ने अनियमित परीक्षाओं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत मांगों पर जोर दिया, जैसा कि लिवमिंट और अन्य रिपोर्ट्स में दर्ज है।

सोमवार की देर शाम तक कई वीडियो क्लिप्स को लाखों व्यूज़ मिले और हैशटैग्स के जरिये ट्रेंड हुए। इन विजुअल्स पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं, जबकि कानून-व्यवस्था और भीड़-प्रबंधन के तौर-तरीकों पर बहस तेज रही।

वायरल ड्रोन फुटेज को लेकर दिल्ली पुलिस ने कहा कि कथित अनधिकृत उड़ान का स्रोत और ऑपरेटर की पहचान की जा रही है तथा नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी, द प्रिंट/पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार।

स्रोत: www.livemint.com · theprint.in · www.hindustantimes.com · www.financialexpress.com