भारत के सबसे लोकप्रिय व्लॉगर सौरव जोशी ने 12 जुलाई 2026 को अपने वीडियो क्लिप में दावा किया कि उनकी Mercedes कार का औसत 16–17 kmpl से घटकर 5 kmpl रह गया है, जिसकी वजह उन्होंने E20 (20% एथनॉल मिश्रित) पेट्रोल को बताया। उनका क्लिप X और Instagram पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसे कई यूज़र्स ने रीपोस्ट किया। ABP Live के अनुसार, क्लिप X यूज़र @mohitlaws ने भी साझा किया, जिसके बाद बहस और तेज हुई। ([news.abplive.com](https://news.abplive.com/entertainment/celebrities/sourav-joshi-mercedes-mileage-drops-ethanol-blended-petrol-e20-claim-1855994))
हिंदुस्तान टाइम्स के ‘ट्रेंडिंग’ सेक्शन ने 13 जुलाई तड़के इस प्रकरण को प्रमुखता से लेते हुए लिखा कि वाइरल दावों के बीच Mercedes‑Benz India ने E20 को लेकर ग्राहकों के लिए सलाह/स्पष्टीकरण साझा किया है। इससे पहले 12 जुलाई की रिपोर्ट में पोर्टल ने जोशी के दावे और उस पर उठी ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं का भी उल्लेख किया था। ([hindustantimes.com](https://www.hindustantimes.com/trending))
ऑटो इंडस्ट्री की ओर से, Mercedes‑Benz India के प्रबंधन ने हालिया ब्रीफिंग्स में कहा कि E20 को लेकर ग्राहक प्रश्न बढ़े हैं और कई मामलों में ‘ईंधन गुणवत्ता/मिलावट’ जैसी वजहें भी मिलती हैं; डीलर नेटवर्क को FAQs के ज़रिए स्पष्टिकरण दिए जा रहे हैं। ऑटोकार प्रोफेशनल और ऑटोकार इंडिया की रिपोर्टों में कंपनी ने ग्राहकों की शंकाओं के जवाब और बेहतर प्रवर्तन/गुणवत्ता निगरानी की ज़रूरत पर जोर दिया। ([autocarpro.in](https://www.autocarpro.in/news/mercedes-benz-india-flags-fuel-adulteration-concerns-as-e20-rollout-gathers-pace-133460?utm_source=openai))
केंद्र सरकार ने 10 जुलाई को दोहराया कि मानक परीक्षणों में E20 के साथ औसत में सामान्यतः 3–5% तक कमी देखी जा सकती है, पर इंजन पर व्यापक क्षति के दावे साक्ष्यों पर खरे नहीं उतरते। मिंट और इंडिया टुडे की रिपोर्टों के अनुसार, मंत्रालय ने यह भी कहा कि E20 चरणबद्ध परीक्षणों/परामर्श के बाद लागू किया गया और उपभोक्ता हित में भ्रम दूर करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं। ([livemint.com](https://www.livemint.com/industry/energy/e20-petrol-centre-says-3-5-mileage-drop-possible-rejects-engine-damage-claims-11783677923993.html?utm_source=openai))
जोशी, जो उत्तराखंड के हल्द्वानी क्षेत्र में रहते हैं, के वाइरल दावे के बाद सोशल मीडिया पर ईंधन की गुणवत्ता, पेट्रोल पंपों के मानकों और विभिन्न मॉडलों/ईंधन मानकों (RON/E20‑कम्पैटिबिलिटी) को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। कई यूज़र्स ने कंपनी की अनुशंसित उच्च RON पेट्रोल का पालन करने की बात कही, वहीं कुछ ने पुराने वाहनों में औसत घटने के निजी अनुभव साझा किए। ([en.wikipedia.org](https://en.wikipedia.org/wiki/Sourav_Joshi_%28YouTuber%29?utm_source=openai))
ईंधन नीति पर चर्चा के बीच, उद्योग संगठनों और वाहन निर्माताओं ने कहा है कि E20 बदलाव के दौरान उपभोक्ता जागरूकता, ईंधन‑गुणवत्ता की सख्त निगरानी और प्रमाणित कम्पैटिबिलिटी‑निर्देशों का पालन ज़रूरी है। इसी क्रम में Mercedes‑Benz India ने ग्राहक‑सहायता/FAQ से जुड़े निर्देश डीलरशिप को भेजे हैं, जबकि केंद्र ने 10 जुलाई को तकनीकी स्पष्टीकरण फिर जारी किए। ([autocarpro.in](https://www.autocarpro.in/news/mercedes-benz-india-flags-fuel-adulteration-concerns-as-e20-rollout-gathers-pace-133460?utm_source=openai))
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