महाराष्ट्र के पुणे में तेज बरसात के दौरान सड़क डिवाइडर पर लगे पौधों को टैंकर से पानी देते कर्मियों का वीडियो 4 जुलाई को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में पौड रोड–करवे रोड मेट्रो कॉरिडोर के नीचे एक टैंकर से पौधों को सींचते कर्मी दिखते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, क्लिप वायरल होने के बाद नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने पानी की बर्बादी व कामकाज पर सवाल उठाए और मामले की जांच की मांग की गई।
इंडिया टुडे की ट्रेंडिंग रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में बारिश के बीच सिंचाई की यह फुटेज व्यापक रूप से साझा हुई और उपयोगकर्ताओं ने इसे ‘कॉमन सेंस ऑन हॉलीडे’ जैसी टिप्पणियों के साथ टैग किया। फ्री प्रेस जर्नल ने बताया कि वीडियो के बाद पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (PMC) पर आलोचनाएं हुईं, जबकि कुछ पोस्टों में इसे रूटीन वर्क बताया गया।
विवाद बढ़ने पर PMC के अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवाटे ने स्पष्ट किया कि संबंधित डिवाइडर और पौधों की देखरेख PMC नहीं, बल्कि पुणे मेट्रो के दायरे में आती है। ABP लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, दिवाटे ने कहा कि ऊपर एलिवेटेड मेट्रो संरचना होने से बारिश का पानी सीधे पौधों तक नहीं पहुंचता, इसलिए टैंकर से सिंचाई कराना आवश्यक था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस्तेमाल किया गया पानी बोरवेल का था, न कि पीने योग्य नगरपालिका आपूर्ति का।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, नागरिक कार्यकर्ता संदीप खरदेकर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर बारिश के दौरान सिंचाई की प्रथा की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की। फ्री प्रेस जर्नल ने जोड़ा कि वायरल क्लिप पौड रोड पर रिकॉर्ड हुई थी और इसे लेकर सोशल मीडिया पर पानी की किल्लत बनाम पौधों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई।
मराठी दैनिक ‘सकाळ’ ने पुणे मेट्रो (महा-मेट्रो) के हवाले से लिखा कि पुल के नीचे बारिश सीमित पहुंचती है, इसलिए पौधों को बचाने के लिए टैंकर का सहारा लिया गया। ABP लाइव की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि डिवाइडर की देखरेख एक विज्ञापन एजेंसी को सौंपी गई है, जिसने लगभग 10 दिन से पानी न मिलने की बात कही।
वीडियो 4 जुलाई को वायरल हुआ और 5 जुलाई की सुबह तक X पर इससे जुड़े पोस्ट लगातार शेयर होते रहे। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, शहर में पहले से लागू जल कटौती के बीच यह घटना सामने आई, जबकि कार्यकर्ताओं ने पौधों की सिंचाई के लिए समय और पद्धति पर स्पष्ट दिशानिर्देश बनाने की मांग की।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com · www.indiatoday.in · www.freepressjournal.in · www.abplive.com


