दिल्ली के जंतर‑मंतर पर शुक्रवार, 24 जुलाई को छात्र‑आंदोलन के बीच वर्दी में आए एक व्यक्ति ने मंच से खुद को उत्तराखंड पुलिस का कॉन्स्टेबल शेर सिंह बताते हुए इस्तीफा देने का ऐलान किया और प्रतीकात्मक तौर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को अपना बैज/कागज सौंपा। यह क्षण सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा हुआ। घटना CJP‑नेतृत्व वाले परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध के दौरान हुई। (timesofindia.indiatimes.com)
घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि शेर सिंह पहले से निलंबित हैं और उनके विरुद्ध विभागीय व कानूनी कार्रवाई प्रचलित/आरंभ है। पुलिस के मुताबिक वे सेवा से अनुपस्थित रहने और एक आपराधिक मामले में नामजद होने के कारण कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। द इंडियन एक्सप्रेस व द प्रिंट से हुई आधिकारिक पुष्टि में निलंबन व लंबित कार्यवाहियों का उल्लेख है; पुलिस ने जंतर‑मंतर वाले वीडियो/बयान को लेकर भी कड़ी आपत्ति दर्ज की। (indianexpress.com)
कई रिपोर्टों के अनुसार मंच से इस्तीफा जताने वाले व्यक्ति का नाम शेर सिंह बताया गया है, जो पहले पिथौरागढ़ में तैनात रहे थे। पुलिस का कहना है कि वह पहले से सेवा में सक्रिय नहीं थे; इसी संदर्भ में उनके विरुद्ध विभागीय व कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। (freepressjournal.in)
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