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Politics

उत्तराखंड SIR विवाद: 95 हजार वोटर अपात्र, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी सफाई

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 95 हजार से अधिक मतदाताओं के अपात्र घोषित होने पर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। अंतिम सूची 3 अक्टूबर को जारी होगी।

फोटो साभार: aajtak.in

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद प्राप्त लगभग 1.73 लाख फॉर्म-7 (नाम हटाने व आपत्ति) आवेदनों में से 95 हजार से अधिक मतदाताओं को ‘अपात्र’ (इनएलिजिबल) श्रेणी में चिह्नित किया गया है। राज्य में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, ‘अपात्र’ श्रेणी में उन मतदाताओं को शामिल किया गया है जो नोटिस दिए जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा में अपने पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके या सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। ऐसी स्थिति में संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO/AERO) ने ई-साइन के माध्यम से ईसीआई-नेट पोर्टल पर ‘इनएलिजिबल’ दर्ज किया, जिससे सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः फॉर्म-7 जनरेट हो गया।

मतदाता सूची पुनरीक्षण के इस आंकड़े पर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रांतीय नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल अपनी संभावित हार के लिए नए बहाने तलाश रहा है। चुनाव कार्यालय ने स्पष्ट किया कि विधानसभा, जिला और राज्य स्तर पर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित कर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है।

निर्वाचन कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के कुल 71.33 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 24.30 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 99 प्रतिशत से अधिक नोटिसों पर सुनवाई का कार्य पूरा किया जा चुका है।

मुख्य सहायक निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि 28 सितंबर तक दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम रिपोर्ट आ जाएगी। उन्होंने कहा कि 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी छूटे हुए पात्र नागरिक आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम नामावली में जुड़वा सकेंगे।

स्रोत: aajtak.in · tv9hindi.com · gnttv.com