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India Open ‘बंदर’ विवाद पर BAI प्रमुख का बयान वायरल: ‘आएँ तो केला दे दीजिए’

India Open 2026 के ‘बंदर-कबूतर’ विवाद पर BAI प्रमुख हिमंता बिस्वा सरमा का ‘आएँ तो केला दे दीजिए’ बयान वायरल; X पर बहस, मीडिया में तेज़ कवरेज।

फोटो साभार: moneycontrol.com

भारत बैडमिंटन संघ (BAI) के अध्यक्ष और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का India Open 2026 में हुई ‘बंदर’ और ‘कबूतर की बीट’ वाली घटनाओं पर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। इंडियन एक्सप्रेस के ‘आइडिया एक्सचेंज’ कार्यक्रम में उनसे सवाल पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि दिल्ली में बंदरों को हटाना आसान नहीं है और “अगर अगली बार बंदर आए, तो उन्हें केला दे दीजिए”—यह क्लिप X पर व्यापक रूप से साझा हो रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सरमा ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के प्रावधानों के कारण बंदरों को छेड़ा नहीं जा सकता, इसलिए मैच के दौरान उनके दिखने पर खेल को कुछ समय रोकना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि “कोई बंदर खेल देखने आ जाए तो उसमें दिक्कत क्या है,” और खिलाड़ियों को दो मिनट रुकने की बात कही। यह बयान 4 जुलाई को रिकॉर्ड बातचीत में आया और 6 जुलाई से समाचार पोर्टलों व सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा।

फ्री प्रेस जर्नल ने वीडियो सहित रिपोर्ट किया कि सरमा ने आलोचनाओं को “ओवररीऐक्शन” बताया और कहा कि दिल्ली में मानवीय बस्तियां वन्यजीवों के आवास पर फैल गई हैं। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में भी उनका यही बयान उद्धृत है, जिसमें उन्होंने मज़ाकिया लहजे में ‘केला’ वाली टिप्पणी दोहराई और हॉल में बंदर की मौजूदगी पर पैदा हुई असुविधा को सामान्य बताया।

जनवरी 2026 के India Open के दौरान लो कियान यू बनाम एचएस प्रणय के मैच में कबूतर की बीट के कारण खेल रुका था, जबकि दर्शकदीर्घा में बंदर दिखने का वीडियो भी सामने आया था—इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने आयोजन व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। एनडीटीवी स्पोर्ट्स और अन्य खेल पोर्टलों ने तब मैच रुकने और अभ्यास एरीना में बंदर के वीडियो का उल्लेख किया था; सरमा के ताज़ा बयान के बाद वही मुद्दा फिर से ट्रेंड में है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, भारत 17 अगस्त से BWF बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है। सरमा ने कहा कि BWF ने भारत को दो और टूर्नामेंट दिए हैं और उन्हें नहीं लगता कि यह बड़ा मुद्दा है।

स्रोत: indianexpress.com · www.freepressjournal.in · www.moneycontrol.com · sports.ndtv.com

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